रूद्रप्रयाग

पुत्र कामना को लेकर बैकुंठ चतुर्दशी के दिन क्रोंच पर्वत पर एकत्रित होंगे देश भर के निसंतान दम्पति

बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर होता है दो दिवसीय मेले का आयोजन। निसंतानों को होती है पुत्र प्राप्ति

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रूद्रप्रयाग: 8530 फीट की ऊंचाई पर स्थित क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिकेय के मंदिर में बैकुंठ चतुर्दशी के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले को लेकर मंदिर समिति की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। मेले के दौरान निसंतान और नव दंपती संतान कामना के साथ रात्रि जागरण करेंगे। मान्यता है कि कार्तिकेय मंदिर में बैकुंठ चतुर्दशी की रात्रि चौथे पहर में जो व्यक्ति भगवान कार्तिकेय के चरणों में ध्यान करता है, 33 करोड़ देवता स्वयं अवतरित होकर उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल जी महाराज एवं केदारनाथ की  पूर्व विधायक स्व० शैला रानी रावत मंदिर में ( फाइल फोटो)

कार्तिकेय मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैकुंठ चतुर्दशी को भगवान कार्तिकेय की चार पहर की पूजा आरती की जाती है जिसमें विभिन्न गांवों की महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और भगवान कार्तिकेय के प्रति आस्था रखने वाले लोग सम्मिलित होते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति की ओर से बैठक आयोजित कर 14 नवंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम हेतु तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों श्री पूर्ण सिंह नेगी प्रबंधक, श्री रमेश सिंह नेगी उप प्रबंधक, श्री बलराम सिंह सचिव, श्री चंद्र सिंह कोषाध्यक्ष, मंदिर समिति के सदस्य श्री लक्ष्मण सिंह, श्रीमती सुरजी देवी, श्री उत्तम राज, श्री भरत सिंह जी , श्री नंदू पुरी महाराज जी मुख्य पुजारी एवं श्री ताजू पुरी महाराज जी पुजारी कार्तिकेय मंदिर की ओर से क्षेत्रीय जनता से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने का निवेदन किया गया है।

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