रूद्रप्रयाग

नंदामय हुआ तल्ला नागपुर क्षेत्र, पातबीड़ा महोत्सव से लौटी रौनक

श्री नंदा देवी मंदिर क्वीली में हो रहा है पातबीड़ा आयोजन

रूद्रप्रयाग:  क्वीली कुरझण और बड़कोटी गांव के सहयोग से आयोजित किए जा रहे पातबीड़ा महोत्सव 2023 मैं रौनक बढ़ने लगी है। 17 वर्षों के पश्चात ग्राम क्वीली के नंदा देवी मंदिर में आयोजित हो रहे पातबीड़ा महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर भी क्षेत्र एवं समाज के कल्याण हेतु ब्राह्मणों द्वारा विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना का कार्यक्रम निरंतर जारी है। गांव में धियाणियों, सगे संबंधियों और प्रवासी ग्रामीणों के पहुंचने से न सिर्फ आयोजन कर्ता गांव में बल्कि पूरे तल्ला नागपुर क्षेत्र में माहौल नंदामई बना हुआ है।

इस कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस पर श्री नंदा देवी पातबीड़ा महोत्सव में सम्मिलित होने के लिए एवं भगवती नंदा का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु कोटेश्वर महादेव के महंत शिवानंद गिरि जी महाराज भी पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की एवं संपूर्ण क्षेत्र की कुशलता हेतु भगवती नंदा से प्रार्थना की।

9 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान कार्य में पारंपरिक भगवती नंदा के जागर गायन, एवं नंदा भगवती और कैलाश से जुड़ी भी अनेक लोक कथाओं और नाटकों का मंचन भी निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को ग्राम कुरझण में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दिव्य और भव्य आयोजन किया गया। भगवती नंदा की महिमा सुनने के लिए धियाणियों, ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों का अपार जनसमूह ग्राम कुरझण में पहुंचा।

समिति के मीडिया प्रभारी पंकज पुरोहित ने बताया कि ग्राम कुरझण में आयोजन समिति की तरफ से किए गए आयोजन में लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र श्रीनगर गढ़वाल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ०संजय पांडे एवं गढ़वाली संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत डॉ० डी आर पुरोहित की टीम ने भगवती नंदा की महिमा गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर ग्राम सभा कुरझण की महिलाओं द्वारा जागर और झूमेला गीत प्रस्तुत किया गया ।

मैती मुल्क में कुछ दिन भ्रमण करने के बाद जब छाया चौराडी़ से भगवती नंदा कैलाश की तरफ जाती है और उस समय की विरह वेदना को जैसे ही डॉक्टर संजय पांडे ने अपने गीत “दणमण रोन्दी छाया की चौराड़ी”….. के माध्यम से प्रस्तुत किया सारे गांव में भावुकता से भरा माहौल बन गया। कार्यक्रम को देखने पहुंची गांव की धियाणियों सहित ग्रामीण महिलाओं की आंखों से आंसू तर तर इस गीत को सुनकर बहने लगे। ग्रामीण महिलाओं द्वारा नंदा देवी के जागर गाकर नंदा देवी की कथाओं को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए 97 और श्री दाताराम पुरोहित ने कहा जिस दिव्यता और भव्यता के साथ इस वर्ष पातबीड़ा का आयोजन किया जा रहा है वैसा उन्होंने अपने पूरे जीवन भर नहीं देखा। कार्यक्रम को लेकर नव युवकों और आयोजन समिति के उत्साह की उन्होंने जमकर सराहना की। समिति के अध्यक्ष श्री महादेव प्रसाद पुरोहित ने अपने स्वरचित नन्दा गीत और कविता के माध्यम से माहौल को एक बार फिर से भक्तिमय बना दिया। अपने संबोधन में उन्होंने आयोजन समिति से जुड़े हुए सभी सदस्यों सहित ग्राम वासियों से पातबीड़ा महोत्सव के सफल आयोजन हेतु इसी तरह से सहयोग करने की अपील की।


इस अवसर पर अध्यक्ष महादेव पुरोहित, मोतीराम पुरोहित कोषाध्यक्ष बृजमोहन पुरोहित, श्री जगदीश प्रसाद पुरोहित, लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र से जुड़े हरीश पुरी, श्री जैनेंद्र गुसांई, भूतपूर्व प्रधानाचार्य श्री चंद्रशेखर पुरोहित, श्री शंभू प्रसाद पुरोहित, श्री सुधाकर पुरोहित, श्री महेश्वर प्रसाद पुरोहित, श्री कुशलानंद पुरोहित, श्री योगेंद्र पुरोहित, डॉ० सुभाष चंद्र पुरोहित, श्री भुवनेश्वर पुरोहित, उद्धव पुरोहित, श्री सुशील पुरोहित, श्री कैलाश चंद पुरोहित, श्री आलोचन पुरोहित, श्री आमोद पुरोहित, श्री हरि शरण पांडे श्री नवीन पांडे श्री जगदंबा प्रसाद पांडे, श्री सुबोध चंद पुरोहित सहित तमाम ग्रामीण पुरुष और महिलाएं मौजूद रहे।

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