रूद्रप्रयाग

आनंद के साथ होगा दिन का शुभारंभ: दो दिवसीय आनंदम् कार्यशाला का हुआ समापन

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा में हुआ कार्यक्रम आयोजित

रुद्रप्रयाग: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा द्वारा आनंदम पाठ्यचर्या पर अभिमुखीकरण चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक डाइट रतूड़ा के बहूउद्देश्यीय हॉल में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जनपद के लगभग 120 प्राथमिक, जूनियर और माध्यमिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।आनंदम पाठ्यचर्या की जिला कोऑर्डिनेटर श्रीमती इंदुकांता भंडारी ने बताया विद्यालयों में आनंदम पाठ्यचर्या 2019 में शिक्षा विभाग के द्वारा प्रारंभ की गई थी। जिसके अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों हेतु प्रथम वादन में आनंदम पाठ्यक्रम से संबंधित क्रियाकलाप करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आनंदम पाठ्यचर्या का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थियों के साथ-साथ अध्यापक भी आनंदम पाठ्यक्रम से दिन की शुरुआत करने के बाद पूरी रुचि और मनोयोग से दिन भर विद्यालय में संचालित होने वाली पठन-पाठन एवं अन्य गतिविधियों में भाग लेते हैं। इससे पूर्व यह प्रशिक्षण अलग-अलग समूहों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जिले के अधिकांश शिक्षकों को करवाया जा चुका है। 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक संचालित इस कार्यशाला में जिले के 120 से भी अधिक शिक्षकों को दो समूहों में बांटा गया था। जिनमें प्रथम समूह को प्रशिक्षण 18 और 19 अक्टूबर को जबकि द्वितीय समूह को प्रशिक्षण 20 और 21 अक्टूबर को प्रदान किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने अलग-अलग सत्रों में पाठ्यक्रम की अनेक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

समापन दिवस के अंतिम सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य श्री विनोद प्रसाद सेमल्टी जी ने सभी शिक्षकों का पूर्ण लगन और मनोयोग के साथ इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया एवं अध्यापकों से अपेक्षा की कि वह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विद्यालयों में जाकर छात्रों के साथ आनंदम पाठ्यचर्या के अनुसार दिन की शुरुआत कर सीखने की प्रक्रिया को रुचिकर बनाएंगे।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री विनोद प्रसाद सेमल्टी, आनंदम जिला कोऑर्डिनेटर श्रीमती इंदुकांता भंडारी, संदर्भदाता श्री प्रणय, श्री मोहित, अमृता नौटियाल, डायट प्रवक्ता श्री विजय चौधरी जी, प्रवक्ता श्री गुरु प्रसाद सती, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अध्यापकों में श्री पंकज पुरोहित, कौस्तुवानंद, सोनी, अमिता कालरा, धन सिंह, राम सिंह, मनमोहन, डॉ प्रियंका भट्ट, श्रीमती लक्ष्मी नेगी सहित अनेक अध्यापक एवं अध्यापिका ने मौजूद थे।

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