रूद्रप्रयाग

शांति भंग में आंदोलनकारी मोहित डिमरी व अन्य को नोटिस

सरकार अशांति फैलाने के लिए कर रही है मजबूर : यूकेडी

रुद्रप्रयाग। भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आमरण-अनशन पर बैठे मोहित डिमरी और अन्य अनशनकारियों को प्रशासन ने शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में धारा 107/116 में नोटिस जारी किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी मोहित डिमरी ने कहा कि प्रशासन जनता की लड़ाई लड़ने वालों की आवाज़ दबाना चाहता है। इस तरह के अनर्गल आरोप लगाकर शासन-प्रशासन हमें कमजोर नहीं कर सकता।

युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा कि आज लोकतांत्रिक तरीके से जनता की लड़ाई लड़ना शासन-प्रशासन कलकी नज़र में अशांति फैलाना है। हम इस तरह के नोटिसों से विचलित नहीं है। जनता की लड़ाई और अधिक मुखरता से लड़ी जाएगी। अभी हम शांति से लड़ रहे हैं और अब सरकार हमें अशांति फैलाने के लिए मजबूर कर रही है।यूकेडी के कार्यकारी अध्यक्ष बुद्धिबल्लभ ममगाई और वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगत चौहान ने कहा कि भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हमारी भूख हड़ताल से इतनी अशांति फैल गई कि प्रशासन को हमें नोटिस भेजना पड़ा। यह सरासर जनता की आवाज़ को दबाने का कुचक्र है। लेकिन हम इस तरह के नोटिसों से बिल्कुल भी विचलित होने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में हर किसी को अपनी आवाज़ उठाने के लिए धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने का अधिकार मिला है। आज हमारी आवाज़ को दबाने के लिए शांति भंग का नोटिस भेजा जा रहा है। संवैधानिक मूल्य खत्म होते जा रहे हैं।

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