रूद्रप्रयाग

बारिश और धूप की टेंशन खत्म,केदारनाथ धाम में लगे रेन शेल्टर

रुद्रप्रयाग। दर्शन करने आए तीर्थ यात्रियों को अब बाबा केदार के दर्शनों के लिए बर्फबारी व बारिश में नहीं भीगना पड़ेगा। इसके लिए पहली बार केदारनाथ में रेन शेल्टर लगाए गए हैं। रेन शेल्टर का निर्माण होने से बारिश और बर्फबारी के दौरान भी यात्री बाबा केदार के दर्शनों के लिए लाइन में खड़े रह सकते हैं।
विश्व विख्यात केदारनाथ धाम हिमालय में बसा हुआ है और यहां कब मौसम बदल जाए, इसका कोई अंदाजा नहीं लगा पाता है। केदारनाथ धाम लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां मई और जून जैसे गर्मी के महीनों में भी बर्फबारी होती है तो बारिश यहां आम बात है। ग्रीष्मकाल के 6 महीने हर साल लाखों की संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शनों को आते हैं और लाइन में लगकर वो बाबा केदार के दर्शन करते हैं। बर्फबारी व बारिश होने पर तीर्थयात्री परेशान रहा करते थे। ऐसे में यात्रियों को काफी दिक्कतें होती थी और वे हाईपोथर्मिया जैसी बीमारी से जूझते थे, लेकिन अब प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए रेन शेल्टर लगा दिए हैं। इस बार यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन्हें धूप, बर्फबारी और बारिश से बचाने के लिए प्रशासन ने नई पहल की है। प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर प्रांगण से गोल चबूतरे तक लगभग साढ़े तीन सौ मीटर की दूरी तक रेन शेल्टर लगा दिए हैं, जबकि इन रेन शेल्टरों को हेलीपैड तक लगाए जाने की कार्य योजना है। रेन शेल्टर लगने से यात्रियों को धूप, बारिश, बर्फबारी से राहत मिलेगी और वो आसानी से बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।
सिक्स सिग्मा मेडिकल सर्विस के सीईओ डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि केदारनाथ धाम में कब मौसम बदल जाए, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में तीर्थयात्री बारिश में भीगते हुए लाइन में लगकर बाबा के दर्शनों का इंतजार करते हैं। प्रशासन की ओर से अब मंदिर प्रांगण से गोल चबूतरे तक रेन शेल्टर लगा दिए गए हैं। रेन शेल्टर लगने से जहां तीर्थयात्री बारिश में भीगने से बचेंग। वहीं, उन्हें हाईपोथर्मिया की चपेट में आने से भी बचेंगे। इसके लिए उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद अदा किया।

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