उत्तराखंडरूद्रप्रयाग

बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चलविग्रह डोली केदारधाम के लिए हुई रवाना, प्रथम पड़ाव गुप्तकाशी पहुंची

देश - विदेश के हज़ारों श्रद्धालुओं ने किये पंचमुखी डोली के दर्शन

रिपोर्ट/ नितिन जमलोकी

गुप्तकाशी। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ने आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज पंचमुखी डोली का पहला पड़ाव व रात्रि प्रवास विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में होगा।

वेद मंत्रोच्चार व धार्मिक परंपराओं के बीच सोमवार को बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति ने चल विग्रह डोली में विराजमान होकर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए प्रस्थान किया। इससे पूर्व केदारनाथ के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति को पंचकेदार गद्दीस्थल के गर्भगृह से सभामंडप में विराजमान किया। पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली पूजा – अर्चना व अभिषेक के बाद शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से धाम के लिए रवाना हो गयी है।विद्धान आचार्यों व मन्दिर समिति के कर्मचारियों की मौजूदगी सहित भक्तों के जयकारों व मराठा रेजीमेंट की बैण्ड धुनों के साथ सैकड़ों भक्त पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली की अगुवाई कर रहे थे। भक्तों के जयकारों के साथ केदार घाटी का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर ओकारेश्वर मन्दिर को कई कुन्तल फूलों से सजाया गया है तथा भक्तों में भारी उत्साह बना हुआ है । भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने पहले रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी पहुंची। जहां पर स्थानीय ग्रामीणों, व्यपारियों ने बाबा के जयकारों के साथ पंच मुखी चल विग्रह डोली का स्वागत किया।

पंचमुखी  चल विग्रह डोली 03 मई मंगलवार को गुप्तकाशी से प्रातः 08 बजे प्रस्थान करते हुए फाटा में प्रवास किया जाएगा। 04 मई को फाटा से गौरीमाई मंदिर गौरीकुंड के लिए रवाना होगी तथा रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 5 मई को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। 06 मई शुक्रवार को प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

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