उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा पड़ावों पर बुनियादी सुविधाएं समय से दुरुस्त करें सम्बंधित अधिकारी : जिलाधिकारी

यात्रा पड़ावों पर एक मई से होगा चिकित्सा केंद्रों का संचालन, जीएमवीएन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग से धाम तक बनाये गए पक्के हट व टैंट

केदारनाथ यात्रा हेतु पैदल मार्ग पर 14 स्थानों पर चिकित्सा राहत केंद्र (एमआरपी) की स्थापना कर दी गई हैं, साथ ही सड़क मार्ग पर पड़ने वाली चिकित्सा इकाईयों में भी व्यवस्थाएं चाक- चौबंद कर दी गई हैं।

इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ में स्थापित एमआरपी में सिक्स सिग्मा व बेस कैंप एमआरपी में विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी की मेडिकल टीमें भी अपनी सेवाएं देंगी।

रुद्रप्रयाग।  विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट 6मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके लिए विभिन्न पड़ावों एवं स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनकी ओर से की जाने वाली व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम तक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित आवास एवं भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इस आशय की जानकारी देते हुए महाप्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम अनिल गर्ब्याल ने अवगत कराया है कि गौरीकुंड से पैदल मार्ग जंगलचट्टी में 03 हट में 18 बैड की व्यवस्था की गई है तथा भीमबली में भुगतान पर रेस्टोरेंट की व्यवस्था उपलब्ध है तथा 05 हट में 30 बैड की व्यवस्था है तथा 04 टैंटों में 40 बैड की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने अवगत कराया कि बड़ी लिनचोली में 60 बैड की व्यवस्था पक्के हट में है तथा 352 बैड की व्यवस्था टैंट में की जा रही है तथा भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध है। केदारनाथ बेस में 100 टैंट स्थापित किए जा रहे हैं जिसमें 1000 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी इसके साथ ही 50 टैंट की व्यवस्था घोड़ा पड़ाव एवं देवदर्शनी क्षेत्र में की जा रही है। केदारनाथ बेस नंदी काॅम्पलेक्स पक्के हट में 138 बैड की व्यवस्था है। एमआई-26 हैलीपैड़ के पास 80 बैड की व्यवस्था है तथा स्वर्गा रोहिणी काॅटेजेज में 90 बैड की व्यवस्था है। उन्होंने अवगत कराया कि इस बार सुमेरू टैंट काॅलोनी को पुनः स्थापित किया जा रहा है जिसमें 30 टैंट तैयार किए जा रहे हैं जिनमें 300 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। नदी पार पुराना घोड़ा पड़ाव व हिम लोक परिसर में हिम लोक टैंट काॅलोनी के नाम से स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 30 टैंट स्थापित होंगे जिनमें 300 लोगों की रहने की व्यवस्था उपलब्ध होगी। उक्त कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि केदारनाथ धाम में अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट व अन्य स्थानों में श्रद्धालुओं के लिए खाने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। उक्त सभी व्यवस्थाएं भुगतान आधार पर उपलबध होंगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 06 मई से शुरू होने वाली श्री केदारनाथ यात्रा के लिए स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्री केदारनाथ यात्रा हेतु पैदल मार्ग पर 14 स्थानों पर चिकित्सा राहत केंद्र (एमआरपी) की स्थापना कर दी गई हैं, वहीं, सड़क मार्ग पर पड़ने वाली चिकित्सा इकाईयों में भी व्यवस्थाएं चाक- चौबंद कर दी गई हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. बी.के. शुक्ला ने अवगत कराया कि श्री केदानाथ यात्रा के पैदल मार्ग पर स्थापित चिकित्सा राहत केंद्रों का 01 मई से संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री केदारनाथ यात्रा के पैदल मार्ग पर छोटी चीरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी भैरव ग्लेशियर, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप व श्री केदारनाथ में चिकित्सा राहत केंद्र (एमआरपी) की स्थापना की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सोनप्रयाग, मद्दमेहश्वर व तुंगनाथ में भी चिकित्सा राहत केंद्रों के संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं भी कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्थापित चिकित्सा इकाइयों हेतु दवा, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि सामग्री गौरीकुंड तक पहुंचा दी गई है। शीघ्र ही दवा, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि सामग्री को चिकित्सा राहत केंद्रों तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सा इकाईयों में चिकित्सा अधिकारियों व पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती की कार्यवाही पूरी कर दी गई है। साथ ही 01 मई को चिकित्सा इकाईयों के संचालन हेतु तैनात अधिकारियों व कार्मिकों को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ में स्थापित एमआरपी में सिक्स सिग्मा व बेस कैंप एमआरपी में विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी की मेडिकल टीमें भी अपनी सेवाएं देंगी।

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