रूद्रप्रयाग

ब्लॉक प्रमुख विजया देवी ने बीडीसी को कराया स्थगित, अधिकारियों के बीडीसी में उपस्थित न होने से नाराज, विधायक चौधरी बोले दुर्भाग्यपूर्ण

बीडीसी की कार्यवाही में दर्ज समस्याओं को गम्भीरता से नही लेते अधिकारी।

अगस्त्यमुनि।  जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड अगस्त्यमुनि में ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक प्रारम्भ होते ही प्रमुख विजया देवी द्वारा क्षेत्र पंचायत की बैठक को प्रशासन द्वारा गम्भीरता से न लेने का आरोप लगाकर स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अगली बैठक तभी होगी जब जिलाधिकारी बैठक में उपस्थित रहेंगे। वहीं रूद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने इसे गलत परम्परा बताया, उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जिस पर सदन चलाने की जिम्मेदारी है वहीं अगर चलते सदन को स्थगित कर दे।
ब्लॉक सभागार अगस्त्यमुनि में क्षेत्र पंचायत की बैठक आयोजित की गई। जिसमें खण्ड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट ने प्रमुख विजया देवी से बैठक प्रारम्भ करने की अनुमति मांगी। बीडीसी की बैठक शुरू होते ही सबसे पहले जल संस्थान पर चर्चा करने के लिए अधिकारी को बुलाया गया। बैठक का संचालन कर रहे डीपीओ दलीप तिनसोला ने पिछली बैठक में सदस्यों द्वारा उठाये गये प्रश्नों पर अधिकारी से जबाब मांगा। इससे पूर्व अधिकारी कुछ जबाब दे पाता क्षेत्र प्रमुख विजया देवी ने माइक सम्भालते हुए पहले तो बैठक में उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों की सूची मांगी तथा कहा कि केवल सक्षम अधिकारी ही बैठक में प्रतिभाग करें। अधिकारियों के प्रतिनिधि बैठक में न रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारीगण क्षेत्र पंचायत की बैठक को गम्भीरता से नहीं लेते हैं। केवल खानापूर्ति के लिए ही बैठक में उपस्थित रहते हैं। कहा कि कोविड काल के बाद लम्बे समय बाद बैठक आयोजित हो पाई थी। परन्तु अभी तक हुई क्षेत्र पंचायत की तीन बैठकों में जिलाधिकारी का न आना सदन का अपमान है। इसके साथ ही उन्होंने बैठक स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक जिलाधिकारी क्षेत्र पंचायत की बैठक में नहीं आते तब तक बैठक स्थगित ही रहेगी। जिसके बाद सभी सदस्य सदन से उठकर बाहर चले गये। प्रमुख के इस फैसले का कई सदस्यों ने दबे शब्दों में विरोध भी जताया परन्तु अधिकांश सदस्य फैसले के समर्थन में नजर आये। सदस्यों का भी मानना था कि अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं। सदस्यों का कहना है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रहनी है तो क्षेत्र पंचायत का कोई औचित्य नहीं रह पायेगा।
प्रमुख के अचानक लिए इस फैसले से सीडीओ तथा बीडीओ अचम्भित हो गये। उनकी समझ में नहीं आया कि अचानक ये क्या हो गया। बीडीओ ने इसे अचानक हुआ फैसला बताया। कहा कि बैठक से पूर्व उन्हें न तो प्रमुख जी ने और न ही किसी सदस्य ने इस सम्बन्ध में जानकारी दी। वहीं सीडीओ नरेश कुमार ने कहा कि अधिकारी तो आ ही रखे हैं। जिलाधिकारी का स्थानान्तरण हो गया है इसलिए वे उपस्थित नहीं हो पाये हैं। सदन की कार्यवाही होनी चाहिए थी।
बैठक में देर से पहुंचे रूद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने कहा कि एक लम्बे अन्तराल के बाद क्षेत्र पंचायत की बैठक हो रही थी। सदन का स्थगित होना दुर्भाग्य है। ये बेहतर होता कि सदस्य सदन के अन्दर अपनी समस्या को रखते तथा बैठक की कार्यवाही में अपनी बात दर्ज कराते तो उचित होता। वहीं बैठक स्थगित करने के फैसले को उचित ठहराते हुए प्रमुख विजया देवी ने कहा कि उनके कार्यकाल का आधे से अधिक समय कोविड की भेंट चढ़ गया। जिस दौरान कोई भी बैठक नहीं हो पाई। अभी तक उनके कार्यकाल की तीन बैठक हुई हैं और तीनों बैठकों में जिलाधिकारी नहीं आये। अब जब बैठक सुचारू रूप से होने लगी है तो जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अधिकारी कर्मचारी इसे गम्भीरता से न लेकर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। यदि जिलाधिकारी बैठक में उपस्थित होंगे तो अधिकारी कर्मचारी भी बैठक को गम्भीरता से लेंगे। इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख सुभाष नेगी, कनिष्ठ प्रमुख शशि नेगी, जिपं उपाध्यक्ष सुमन्त तिवारी, जिपंस कुलदीप कण्डारी, प्रधान संगठन के अध्यक्ष विजयपाल राणा, क्षेपंस सावन नेगी सहित बड़ी संख्या में क्षेपंस, ग्राम प्रधान एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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