
देहरादून(यूके न्यूज 18)। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज विजिलेंस दून की ट्रैप टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सीएचसी नैनीडांडा के प्रभारी मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशुतोष त्रिपाठी को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, डॉ. त्रिपाठी ने अदालीखाल पीएचसी में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी से उसकी तैनाती उसी केंद्र पर बनाए रखने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क किया, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद सतर्कता सैक्टर हल्द्वानी की टीम ने आरोपी के आवास पर छापा मारकर उसकी चल-अचल संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। इस सफल ट्रैप कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय ने टीम को ₹2500 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है या अवैध संपत्ति अर्जित करता है तो इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर दें।



