उत्तराखंड में बागवानी बनेगी किसानों की आय का प्रमुख स्रोत
बागवानी से किसानों की बदलेगी आर्थिक तस्वीर: पंकज यादव

चकराता (देहरादून), 15 मई 2025
नाबार्ड के महाप्रबंधक पंकज यादव ने कहा है कि बागवानी उत्तराखंड के किसानों की आर्थिकी को सशक्त बनाने का प्रमुख साधन बन सकती है। उन्होंने जनपद देहरादून के विकास खंड चकराता के कोटि कनासर वैली के सात गांवों में चल रहे आदिवासी विकास कार्यक्रम के तहत बागवानी कार्यों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी अभिरुचि और समस्याओं की जानकारी ली।
नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से वर्ष 2023-2028 तक चल रहे इस कार्यक्रम में श्री नंदा देवी महिला लोक विकास समिति द्वारा सेब, अखरोट, आड़ू एवं कीवी की बागवानी कराई जा रही है। यह कार्यक्रम रजाणु, गोरछा, पिंगुआ, कुनवा, पुनिंग, ठारठा और हरताड गांवों के 160 किसानों को जोड़ते हुए संचालित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उप महाप्रबंधक आलोक गुप्ता भी उपस्थित रहे। पंकज यादव ने कहा कि उत्तराखंड में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और यदि किसान समर्पण के साथ इस दिशा में कार्य करें, तो यह राज्य की आर्थिकी को नई दिशा दे सकता है।

कार्यक्रम की सचिव डॉ. किरण पुरोहित जयदीप ने जानकारी दी कि नाबार्ड की मदद से 20 किसानों को डेयरी और 20 को बकरी पालन से भी जोड़ा गया है, जिससे उनकी आय में विविधता और वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, अन्य विभागों की योजनाओं के साथ समन्वय कर अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर बागवानी में उत्कृष्ट कार्य कर रहे किसानों को नाबार्ड द्वारा सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्र पुरोहित, जनजाति ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष भूप सिंह समेत कई स्थानीय किसान एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।



