उत्तराखंड पुलिस ने जनसेवा का दिया उदाहरण, महिला अपराधों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान

देहरादून (यूके न्यूज 18)। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने मोर्चे पर डटकर जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। महिला अपराधों के निराकरण में पुलिस का कार्य सराहनीय रहा है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार महिला अपराधों एवं पोक्सो अधिनियम के मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड देश में पाँचवें स्थान पर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। साथ ही ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ के संकल्प को जन आंदोलन का रूप देने पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रदेश किसानों की आय बढ़ाने में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में उत्तराखंड देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य के चार गांव — जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी — को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान मिला है।
सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन को संरक्षित रखने के लिए पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित शासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



